48 घंटे से लाइन में लगे 100 किसान खाली हाथ लाैटे, 500 को मिली एक-एक बोरी



100 farmers lying in line for 48 hours, empty handed, 500 received each bag






  • खाद-बीज की पूर्ति करने में सरकार का मैनेजमेंट हुआ फेल

  • जिले में एक लाख 22 हजार हैक्टेयर में गेहूं, 13 हजार 650 में चने की बोवनी हुई

  • इसके लिए 19 हजार 200 मीट्रिक टन खाद की जरूरत


भोपाल| कराेंद स्थिति लक्ष्मीनारायण गल्लामंडी में 600 से ज्यादा किसान दाे दिन से खाद के लिए लाइन में लगे हैं। सुबह 11 बजे जैसे ही ट्रक खाद लेकर पहुंचा। किसानाें के बुझे हुए चेहराें पर चमक अा गई, लेकिन जब खाद का वितरण शुरू हुअा ताे एक किसान काे एक बाेरी खाद ही मिली, जबकि 100 किसान को तो बिना खाद ही लौटना पड़ा। दरअसल, किसानों को पांच से छह बाेरी खाद की जरूरत थी।


किसानाें ने जरूरत के मुताबिक खाद मांगी ताे मार्कफेड के अधिकारियाें ने खाद की कमी हाेने की बात कही। जिले में एक लाख 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं और 13 हजार 650 हेक्टेयर में चने की बोवनी हुई है। इसके लिए 19 हजार 200 मीट्रिक टन खाद की जरूरत है, लेकिन मार्कफेड अब तक महज 13 हजार मीट्रिक टन खाद ही उपलब्ध करा पाया है। एेसे में 6 हजार 200 मीट्रिक टन खाद की कमी के कारण किसानों काे जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रहा है।


कालाबाजारी-  266 की यूरिया की बोरी 350 रुपए में बेच रहे व्यापारी


निजी विक्रेताअाें ने खाद की कालाबाजारी शुरू कर दी है। बरखेड़ाबोंदर के किसान अशरफ हुसैन अाैर कुराना के हेमंत सेन ने बताया कि निजी दुकान वाले 266 रुपए की यूरिया की एक बाेरी 350 रुपए अाैर उससे ज्यादा में बेच रहे हैं, जबकि सरकार के ऋण मुक्ति के आश्वासन के कारण समितियों में पैसा नहीं चढ़ाया है, एेसे में किसानाें पर 14% का ब्याज लग रहा है।


नाेटिस : बैरसिया में खाद लूटने की काेशिश के मामले में कलेक्टर ने तीन अधिकारियाें काे नाेटिस दिए हैं। इनमें उप संचालक कृषि किसान कल्याण उत्तम सिंह जादौन, जिला विपणन संघ अधिकारी भावना सायके, जिला भोपाल कोआॅपरेटिव सेंट्रल बैंक के एमडी आरसी हजारी शामिल हैं।


किसान को नियमानुसार खाद वितरण हो और कहीं भी शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - तरुण पिथोड़े, कलेक्टर, भोपाल


भोपाल उप संचालक जादौन बिना स्वीकृति के छुट्टी गए हैं। इसकी जांच की जाएगी। निजी संस्थानों की मनमानी नहीं होने दी जाएगी।- मुकेश शुक्ल, संचालक, कृषि विभाग